भारत को मिला ‘साइलेंट किलर’, स्कॉर्पीन पनडुब्बी INS वेला इंडियन नेवी में शामिल

INS Vela Scorpeneclass submarine Indian Navy आईएनएस वेला स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन एडमिरल करमबीर सिंह लांबा भारतीय नौसेना
INS वेला

मुंबई: भारतीय नौसेना में चौथी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन (Scorpeneclass submarine)  INS वेला को शामिल कर दिया गया है। नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह लांबा ने इसे हरी झंडी दिखाई। INS वेला (INS Vela) के शामिल होने से समुद्र में भारतीय नौसेना (Indian Navy) की ताकत और भी बढ़ जाएगी।

ये डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन है। इसे रक्षा एक्सपर्ट ने साइलेंट किलर का नाम दिया है। ये सबमरीन चकमा देकर हमला करने में सक्ष्म है। समुद्र में जब यह गोता लगाते ही दुश्मन को इसके आने का एहसास तक नहीं होता। सबमरीन में एडवांस एकॉस्टिक साइलेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रेडिएटिड नॉइस लेवल भी इसमें कम है। सबमरीन का स्वरूप हाइड्रो-डायनामिक है और सटीक गाइडेड निशाना लगाने में सक्ष्म है।

प्रोजेक्ट 75 के तहत भारत में बनी यह पनडुब्बी कलवारी क्लास (Kalvari Class) के पहले बैच की 6 पनडुब्बियों में से एक है। पहले ही 3 सबमरीन कमीशन की जा चुकी थीं। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा INS वेला में पनडुब्बी संचालन के पूरे स्पेक्ट्रम को शुरू करने की क्षमता है। इसकी क्षमता और मारक क्षमता भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि बतौर नेवी चीफ मैं सभी का शुक्रिया करता हूं. उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान LAC पर हालात खराब थे और कोरोना की चुनौतियां थी। इसके बाद भी हम दूसरे देशों से लिक्विड ऑक्सीजन लाए। साथ ही उनकी मदद भी की। उन्होंने कहा कि हम चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग पर करीब से नजर रख रहे हैं। चीन से पाकिस्तान द्वारा हाल ही में की गई खरीद में बदलाव आ सकता है, इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है.