टिकरी बॉर्डर खोलने के लिए हाई लेवल मीटिंग आज, सरकार ने किसान और उद्योगपति को बुलाया

नई दिल्ली: तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 11 माह से चल रहे किसान आंदोलन के चलते बंद टिकरी बॉर्डर को खुलवाने के लिए मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग होगी। बहादुरगढ़ के गौरेया पर्यटन केन्द्र में होने वाली हरियाणा सरकार की इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए ASC राजीव अरोड़ा, DGP पीके अग्रवाल, CID चीफ आलोक मित्तल शामिल होंगे।

बैठक में किसान संगठन के पदाधिकारियों व बहादुरगढ़ के उद्योगपति को बुलाया गया है। टिकरी बॉर्डर बंद होने से सबसे बड़ा नुकसान उद्योगपतियों का हुआ है, क्योंकि जब से आंदोलन शुरू हुआ है, उसी दिन से फैक्ट्रियों में काम बंद है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण बंद रास्तों को खुलवाने के लिए प्रदेश स्तरीय हाई पावर कमेटी गठित की थी। जिसमें गृह सचिव राजीव अरोड़ा, डीजीपी पीके अग्रवाल, सीआईडी चीफ आलोक मित्तल व एडीजीपी (लॉ एंड ऑडर) के अलावा सोनीपत व झज्जर के डीसी-एसपी को शामिल किया गया।

यह हाई पावर कमेटी सोनीपत में एक बैठक भी कर चुकी है, जिसमें किसान संगठनों की तरफ से कोई शामिल नहीं हुआ था। लेकिन बहादुरगढ़ में आज होने वाली बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी भी शामिल हो सकते है।

इस मामले को लेकर किसान संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कानूनी रूप से सरकार अपनी चाल में फंसाने की कोशिश कर रही है। पर किसान षड़यंत्र को समझते है। सरकार ने रास्ता बंद किया है तो वही खोलेगी। अब मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा है तो सरकार किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहती है।

किसान नेताओं ने आज होने वाली बैठक को लेकर स्थिति साफ नहीं की है कि वे लोग बैठक में शामिल होंगे या नहीं पर एक दिन पहले ही टिकरी बॉर्डर के मंच से किसान वक्ता साफ कर चुके है कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी समेत अन्य मांगे पूरी नहीं होने तक टिकरी बॉर्डर से नहीं हटेंगे।

-PTC NEWS