किसान आंदोलन का एक साल पूरा, आंदोलन की वर्षगांठ मनाने धरना स्थलों के लिए रवाना हुए किसान

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धरना स्थलों के लिए कूच करते किसान

 चंडीगढ़: किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो चुका है। पिछले साल आज ही के दिन किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे थे और कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन की शुरुआत हुई थी। अब कृषि कानून वापस हो चुके हैं, लेकिन किसान आंदोलन अभी भी जारी है।

आज धरना स्थलों पर किसान आंदोलन की वर्षगांठ मना रहे हैं। इसके लिए हरियाणा के तमाम जिलों से किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। पूरे हरियाणा से किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। तमाम जिलो से किसान टीकरी बॉर्डर, सिंघू बॉर्डर, ढासा बॉर्डर और तमाम धरनास्थलों पर पहुंचे हैं। हालांकि किसान अब एमएसपी पर गारंटी की मांग कर रहे हैं और आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी मांग की जा रही है।

उधर सिंघु बॉर्डर पर पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियों की कल बैठक हुई थी और बैठक में किसानों की अन्य मांगों पर चर्चा की गई है। इस बीच किसान नेता बूटा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी निजी राय के मुताबिक फिलहाल 29 नवंबर के संसद कूच को टाल दिया जाना चाहिए और सरकार को मौका दिया जाना चाहिए कि वो किसानों की अन्य मांगों पर विचार करे।

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ये उनकी निजी राय है और किसान मोर्चा का इस पर कोई फैसला अभी नहीं हुआ है। वहीं, उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि जिन एनआरआई लोगों ने किसान आंदोलन को सपोर्ट किया था और उनमें से जिन पर सरकार ने रोक लगाई थी उनकी रोक को भी हटा दिया जाए और एमएसपी पर गारंटी कानून के बारे में सरकार जल्द फैसला ले।